भव तारिणी भक्ति · Bhajan
पारंपरिक भजन
मीरा, सूरदास, तुलसीदास और नरसिंह मेहता की परंपरा से भक्तिमय पद — शांत, विज्ञापन-मुक्त पठन।
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प्रार्थना
ठुमक चलत रामचंद्र (Thumak Chalat Ramchandra)
बालराम की बाल-लीला और मातृस्नेह को चित्रित करता तुलसीदास का पारंपरिक पद।
पाठ पढ़ें प्रार्थनापायो जी मैंने राम रतन धन पायो (Payo Ji Maine Ram Ratan Dhan Payo)
मीराबाई से सम्बद्ध पारंपरिक पद में नाम-स्मरण और सतगुरु के प्रति कृतज्ञता।
पाठ पढ़ें प्रार्थनाप्रभुजी मोरे अवगुण चित ना धरो (Prabhuji More Avgun)
विनम्रता और समदृष्टि का भाव जगाता सूरदास से सम्बद्ध पारंपरिक पद।
पाठ पढ़ें प्रार्थनावैष्णव जन तो तेने कहिये (Vaishnav Jan To)
नरसी मेहता का करुणा, सेवा और विनम्रता पर केंद्रित गुजराती पद, देवनागरी लिपि में।
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