दुर्गा पूजा — परिचय और पाठ-क्रम

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व्रत व पर्व

दुर्गा पूजा — परिचय और पाठ-क्रम

दुर्गा पूजा में शक्ति, मातृत्व और धर्म की रक्षा के भावों का स्मरण होता है। कई क्षेत्रों में प्रतिमा-पूजन, सामूहिक आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम इस उत्सव का हिस्सा हैं।

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दुर्गा पूजा में शक्ति, मातृत्व और धर्म की रक्षा के भावों का स्मरण होता है। कई क्षेत्रों में प्रतिमा-पूजन, सामूहिक आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम इस उत्सव का हिस्सा हैं।

घर में पढ़ने के लिए सर्वमंगल मांगल्ये, या देवी सर्वभूतेषु, दुर्गा चालीसा और जय अम्बे गौरी चुनें। उत्सव की विधि और दिनों का क्रम क्षेत्रीय परंपरा से समझें।

पाठ व संदर्भ

इस संग्रह में पाठ सरल अनुच्छेदों में दिया गया है। अलग परंपराओं में शब्दों और पाठ-क्रम में अंतर मिल सकता है।

विषय का संदर्भ

॥ दुर्गा को प्रणाम ॥
पाठ व संस्करण

भव तारिणी भक्ति का मौलिक परिचय / कथा-सार। पारंपरिक पाठों में क्षेत्रीय पाठांतर मिल सकते हैं। परिचय और पठन-सहायता भव तारिणी भक्ति द्वारा तैयार किए गए हैं।