महामृत्युंजय मंत्र
महामृत्युंजय मंत्र
Mahamrityunjaya Mantra
त्र्यम्बक रुद्र को समर्पित वैदिक मंत्र। श्रद्धा और मन की स्थिरता के भाव से मंत्र का पाठ करें।
सरल वाचन · डिवाइस की आवाज़
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ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
Om Tryambakam yajaamahe, sugandhim pushtivardhanam.
Urvaarukam iva bandhanaan, mrityor muksheeya maa amritaat.
अर्थ व परिचय
A Vedic prayer to the three-eyed Rudra, revered as Shiva. The verse uses the image of a ripe fruit released from its stem to express a wish for freedom from the bonds of mortality, while remaining connected to the deathless.
रोमन लिपि उच्चारण में सहायता के लिए है। पारंपरिक संस्करणों और क्षेत्रीय पाठों में वर्तनी तथा शब्दों के अंतर मिल सकते हैं।
ऋग्वेद ७.५९.१२ · ॐ सहित प्रचलित पाठ। पारंपरिक पाठों में क्षेत्रीय पाठांतर मिल सकते हैं। परिचय और पठन-सहायता भव तारिणी भक्ति द्वारा तैयार किए गए हैं।