वैष्णव जन तो तेने कहिये (Vaishnav Jan To)
नरसी मेहता का करुणा, सेवा और विनम्रता पर केंद्रित गुजराती पद, देवनागरी लिपि में।
Read Moreठुमक चलत रामचंद्र (Thumak Chalat Ramchandra)
बालराम की बाल-लीला और मातृस्नेह को चित्रित करता तुलसीदास का पारंपरिक पद।
Read Moreप्रभुजी मोरे अवगुण चित ना धरो (Prabhuji More Avgun)
विनम्रता और समदृष्टि का भाव जगाता सूरदास से सम्बद्ध पारंपरिक पद।
Read Moreपायो जी मैंने राम रतन धन पायो (Payo Ji Maine Ram Ratan Dhan Payo)
मीराबाई से सम्बद्ध पारंपरिक पद में नाम-स्मरण और सतगुरु के प्रति कृतज्ञता।
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