नवरात्रि का सरल पाठ-क्रम और आरती (Navratri Reading Order)
पाठ संग्रह
नवरात्रि का सरल पाठ-क्रम और आरती (Navratri Reading Order)
कम समय में भी श्रद्धापूर्वक पढ़ा जा सकने वाला देवी-स्मरण, स्तुति और आरती का क्रम।
Navratri Reading Order
आराधना का एक सहज क्रम
- श्री गणेश का स्मरण: वक्रतुण्ड महाकाय।
- माता को प्रणाम: सर्वमंगलमाङ्गल्ये।
- अपने समय के अनुसार दुर्गा चालीसा, महिषासुरमर्दिनि स्तोत्र या या देवी सर्वभूतेषु पढ़ें।
- जय अम्बे गौरी आरती करें।
- देव्यापराध क्षमापन स्तोत्र अथवा अपनी सरल क्षमा-प्रार्थना करें।
- सर्वे भवन्तु सुखिनः से सबके मंगल की कामना करें।
कुछ ही पल हों तो
माता को नमस्कार करके एक छोटा मंत्र और कृतज्ञता की प्रार्थना भी भावपूर्वक पढ़ सकते हैं। यह सुझाया गया सहज क्रम है; दुर्गा सप्तशती के पूर्ण अनुष्ठान की विधि का स्थान नहीं लेता।
पूजा का भाव
साफ पाठ, शांत मन और अच्छे कर्म आराधना के साथ रहें। दूसरों की सहायता और सम्मान को अपनी भक्ति का हिस्सा बनाएँ।
लेखन व संदर्भ
भव तारिणी भक्ति का मूल सुझाया पाठ-क्रम।
॥ को प्रणाम ॥
पाठ व संस्करण
। पारंपरिक पाठों में क्षेत्रीय पाठांतर मिल सकते हैं। परिचय और पठन-सहायता भव तारिणी भक्ति द्वारा तैयार किए गए हैं।