शनिदेव आरती — पाठांतर का परिचय
शनिदेव आरती — पाठांतर का परिचय
शनिदेव की आराधना में कई आरती-रूप गाए जाते हैं। कुछ पाठों का आरंभ जय शनि देवा से होता है और कुछ सूर्यपुत्र शनिदेव के गुणों का स्मरण करते हैं।
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शनिदेव की आराधना में कई आरती-रूप गाए जाते हैं। कुछ पाठों का आरंभ जय शनि देवा से होता है और कुछ सूर्यपुत्र शनिदेव के गुणों का स्मरण करते हैं।
इस संग्रह में जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी का पाठ अलग से उपलब्ध है। अन्य आरती-रूपों के लिए नीचे दिए संदर्भ पर संबंधित संस्करण पढ़ें। परिवार या मंदिर की परंपरा के अनुसार एक पाठ चुनकर शांत भाव से आरती करें।
इस संग्रह में पाठ सरल अनुच्छेदों में दिया गया है। अलग परंपराओं में शब्दों और पाठ-क्रम में अंतर मिल सकता है।
विषय का संदर्भ
अर्थ व परिचय
शनिदेव की आराधना में कई आरती-रूप गाए जाते हैं। कुछ पाठों का आरंभ जय शनि देवा से होता है और कुछ सूर्यपुत्र शनिदेव के गुणों का स्मरण करते हैं।
रोमन लिपि उच्चारण में सहायता के लिए है। पारंपरिक संस्करणों और क्षेत्रीय पाठों में वर्तनी तथा शब्दों के अंतर मिल सकते हैं।
भव तारिणी भक्ति का मौलिक परिचय / कथा-सार। पारंपरिक पाठों में क्षेत्रीय पाठांतर मिल सकते हैं। परिचय और पठन-सहायता भव तारिणी भक्ति द्वारा तैयार किए गए हैं।