नागेश्वर ज्योतिर्लिंग कथा — सार
नागेश्वर ज्योतिर्लिंग कथा — सार
नागेश्वर की पौराणिक कथा में दारुक वन, बंदी बने भक्त और सुप्रिय का शिव-स्मरण प्रमुख प्रसंग हैं। संकट के बीच आराधना से शिव का प्रकट होना और भक्तों की रक्षा करना इस कथा का केंद्र है।
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नागेश्वर की पौराणिक कथा में दारुक वन, बंदी बने भक्त और सुप्रिय का शिव-स्मरण प्रमुख प्रसंग हैं। संकट के बीच आराधना से शिव का प्रकट होना और भक्तों की रक्षा करना इस कथा का केंद्र है।
नागेश्वर और नागेश्वरी के स्मरण में श्रद्धा तथा साहस का संदेश मिलता है। ज्योतिर्लिंगों की सूची और शिव स्तुतियाँ साथ पढ़कर इस कथा का संदर्भ समझें।
इस संग्रह में पाठ सरल अनुच्छेदों में दिया गया है। अलग परंपराओं में शब्दों और पाठ-क्रम में अंतर मिल सकता है।
विषय का संदर्भ
अर्थ व परिचय
नागेश्वर की पौराणिक कथा में दारुक वन, बंदी बने भक्त और सुप्रिय का शिव-स्मरण प्रमुख प्रसंग हैं। संकट के बीच आराधना से शिव का प्रकट होना और भक्तों की रक्षा करना इस कथा का केंद्र है।
रोमन लिपि उच्चारण में सहायता के लिए है। पारंपरिक संस्करणों और क्षेत्रीय पाठों में वर्तनी तथा शब्दों के अंतर मिल सकते हैं।
भव तारिणी भक्ति का मौलिक परिचय / कथा-सार। पारंपरिक पाठों में क्षेत्रीय पाठांतर मिल सकते हैं। परिचय और पठन-सहायता भव तारिणी भक्ति द्वारा तैयार किए गए हैं।