सकट चौथ व्रत कथा — सार

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कथा संग्रह

सकट चौथ व्रत कथा — सार

सकट चौथ की लोककथा गणेश-स्मरण और माँ के विश्वास को केंद्र में रखती है। कथा में संकट में पड़े बालक की रक्षा के प्रसंग से विघ्नहर्ता के प्रति श्रद्धा व्यक्त होती है।

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सकट चौथ की लोककथा गणेश-स्मरण और माँ के विश्वास को केंद्र में रखती है। कथा में संकट में पड़े बालक की रक्षा के प्रसंग से विघ्नहर्ता के प्रति श्रद्धा व्यक्त होती है।

इसे लोकपरंपरा की कथा के रूप में पढ़ें। परिवार में कथा-स्मरण के बाद गणेश आरती या गणेश चालीसा का पाठ जोड़ा जा सकता है। कथा का भाव करुणा, धैर्य और बच्चों की सुरक्षा है।

पाठ व संदर्भ

इस संग्रह में पाठ सरल अनुच्छेदों में दिया गया है। अलग परंपराओं में शब्दों और पाठ-क्रम में अंतर मिल सकता है।

विषय का संदर्भ

॥ गणेश को प्रणाम ॥
पाठ व संस्करण

भव तारिणी भक्ति का मौलिक परिचय / कथा-सार। पारंपरिक पाठों में क्षेत्रीय पाठांतर मिल सकते हैं। परिचय और पठन-सहायता भव तारिणी भक्ति द्वारा तैयार किए गए हैं।