सर्वमंगलमाङ्गल्ये

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दुर्गा स्तुति

सर्वमंगलमाङ्गल्ये

Sarva Mangala Mangalye

दुर्गा सप्तशती की नारायणी स्तुति का प्रसिद्ध श्लोक। माँ गौरी को मंगलमयी और शरण देने वाली देवी के रूप में प्रणाम करें।

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सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥

॥ माँ दुर्गा को प्रणाम ॥
पाठ व संस्करण

दुर्गा सप्तशती · नारायणी स्तुति का एक श्लोक। पारंपरिक पाठों में क्षेत्रीय पाठांतर मिल सकते हैं। परिचय और पठन-सहायता भव तारिणी भक्ति द्वारा तैयार किए गए हैं।