गायत्री मंत्र
गायत्री मंत्र
Gayatri Mantra
प्रकाश और सद्बुद्धि की प्रार्थना का वैदिक मंत्र। स्पष्ट देवनागरी पाठ के साथ सरल Roman Hindi पठन सहायता।
आपके डिवाइस की हिंदी आवाज़ से पाठ सुनें। संस्कृत उच्चारण में अंतर हो सकता है।
ॐ भूर्भुवः स्वः।
तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि।
धियो यो नः प्रचोदयात्॥
Om bhoor bhuvah svah.
Tat savitur varenyam, bhargo devasya dheemahi.
Dhiyo yo nah prachodayaat.
अर्थ व परिचय
The Gayatri verse is a Vedic prayer to Savitr. It contemplates divine radiance and asks that our understanding be inspired and guided. The commonly recited form here includes Om and the introductory vyahritis.
रोमन लिपि उच्चारण में सहायता के लिए है। पारंपरिक संस्करणों और क्षेत्रीय पाठों में वर्तनी तथा शब्दों के अंतर मिल सकते हैं।
ऋग्वेद ३.६२.१० · प्रणव और व्याहृतियों सहित प्रचलित पाठ। पारंपरिक पाठों में क्षेत्रीय पाठांतर मिल सकते हैं। परिचय और पठन-सहायता भव तारिणी भक्ति द्वारा तैयार किए गए हैं।
मूल पाठ-संदर्भ