तुलसी विवाह — कथा-सार

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कथा संग्रह

तुलसी विवाह — कथा-सार

तुलसी विवाह की कथा वृंदा, जालंधर और भगवान विष्णु के पौराणिक प्रसंग से जुड़ी है। अलग परंपराओं में कथा के विवरण बदलते हैं। वृंदा के स्मरण और तुलसी-शालिग्राम के प्रतीकात्मक विवाह में

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तुलसी विवाह की कथा वृंदा, जालंधर और भगवान विष्णु के पौराणिक प्रसंग से जुड़ी है। अलग परंपराओं में कथा के विवरण बदलते हैं। वृंदा के स्मरण और तुलसी-शालिग्राम के प्रतीकात्मक विवाह में श्रद्धा व्यक्त की जाती है।

घर में तुलसी का सम्मान, दीप और मंगल-पाठ इस अवसर के परिचित रूप हैं। कथा के बाद तुलसी आरती, तुलसी चालीसा या विष्णु आरती पढ़ी जा सकती है।

पाठ व संदर्भ

इस संग्रह में पाठ सरल अनुच्छेदों में दिया गया है। अलग परंपराओं में शब्दों और पाठ-क्रम में अंतर मिल सकता है।

विषय का संदर्भ

॥ तुलसी को प्रणाम ॥
पाठ व संस्करण

भव तारिणी भक्ति का मौलिक परिचय / कथा-सार। पारंपरिक पाठों में क्षेत्रीय पाठांतर मिल सकते हैं। परिचय और पठन-सहायता भव तारिणी भक्ति द्वारा तैयार किए गए हैं।